
देश ओर भक्तों की खुशहाली के लिए महामंडलेश्वर स्वामी उमा भारती एवं महंत स्वामी शिवानंद भारती के सानिध्य और महंत आशीष भारती के संयोजन में हो रहा है धार्मिक अनुष्ठान
मां दुर्गा की आराधना से दूर होते हैं जीवन के संताप और प्राप्त होती है सुख-समृद्धि: महामंडलेश्वर स्वामी उमा भारती
जगत जननी मां दुर्गा दुष्टों का संहार कर भक्तों की रक्षा करती हैं: महंत आशीष भारती
हरि न्यूज
हरिद्वार। उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला स्थित प्रख्यात धार्मिक संस्था उमेश्वर धाम में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर मां भगवती दुर्गा के नौ स्वरूपों की विशेष पूजा-अर्चना का शुभारंभ किया गया। उमेश्वर धाम के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी उमा भारती महाराज के सानिध्य तथा महंत आशीष भारती के संयोजन में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में विद्वान पंडितों द्वारा विधि-विधान के साथ मां नवदुर्गा की आराधना की जा रही है। नवरात्रि के नौ दिनों तक चलने वाली इस विशेष पूजा का उद्देश्य देश-समाज की सुख-शांति, श्रद्धालु भक्तों की रक्षा तथा जनकल्याण की कामना करना है।

नवरात्रि के दौरान उमेश्वर धाम में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधिवत पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं को सनातन धर्म की आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। मां भगवती की आराधना को शक्ति, भक्ति, आस्था और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि में सच्चे मन से मां दुर्गा की उपासना करने से भक्तों को आत्मिक शांति प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना पूर्ण होने का विश्वास मिलता है।
इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी उमा भारती महाराज ने कहा कि मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना का विशेष धार्मिक महत्व है। मां भगवती अपने भक्तों के कष्टों का निवारण करने वाली तथा उन्हें शक्ति और साहस प्रदान करने वाली हैं। उन्होंने कहा कि शारदीय नवरात्रि का पर्व श्रद्धालुओं को भक्ति, साधना और आत्मचिंतन का अवसर प्रदान करता है। मां दुर्गा की आराधना से जीवन के संताप मिटने और मन को शांति मिलने की धार्मिक मान्यता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से नवरात्रि के दौरान मां भगवती की उपासना के साथ-साथ धर्म, सेवा, सदाचार और परोपकार के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
महंत आशीष भारती ने कहा कि जगत जननी मां दुर्गा शक्ति और धर्म की प्रतीक हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां भगवती दुष्टों का संहार कर अपने भक्तों की रक्षा करती हैं तथा धर्म की स्थापना का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि नवरात्रि का पर्व हमें बुराइयों का त्याग कर सदाचार, सत्य और धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के माध्यम से श्रद्धालु आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करते हैं और अपने जीवन में सकारात्मक विचारों को अपनाने का संकल्प लेते हैं।
महंत शिवानंद भारती महाराज ने कहा कि शारदीय नवरात्रि मां भगवती की उपासना का विशेष पर्व है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा कर श्रद्धालु सुख-समृद्धि, शांति और परिवार के कल्याण की कामना करते हैं। उन्होंने कहा कि मां भगवती की भक्ति मनुष्य को आत्मबल, धैर्य और सेवा की भावना प्रदान करती है। नवरात्रि के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता करने से नई पीढ़ी को भी भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों के बारे में जानने का अवसर मिलता है।
उमेश्वर धाम में आयोजित नवरात्रि पूजा-अर्चना के माध्यम से श्रद्धालुओं को मां भगवती की महिमा और शक्ति स्वरूप की आराधना का संदेश दिया जा रहा है। धार्मिक वातावरण में संपन्न हो रहे इन अनुष्ठानों के माध्यम से विश्व कल्याण, समाज में सुख-शांति और सभी के मंगल की कामना की जा रही है।



