
प्रांशु वर्मा ने 100 अंक हासिल कर प्रथम स्थान प्राप्त किया
हरि न्यूज
हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय के उद्यमिता प्रकोष्ठ (ई-सेल जी.के.वी.) द्वारा विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, बौद्धिक क्षमता, रचनात्मकता एवं निरंतर सहभागिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित सात दिवसीय सोशल मीडिया प्रतियोगिता ‘गेस थिंक विन’ सफलतापूर्वक संपन्न हुई। प्रतियोगिता में संकाय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

ई-सेल जी.के.वी. के संयोजक डॉ. लोकेश जोशी ने बताया कि प्रतियोगिता के दौरान प्रत्येक दिन सोशल मीडिया के माध्यम से विद्यार्थियों के समक्ष एक नई पहेली प्रस्तुत की गई। प्रतिभागियों को निर्धारित समय के भीतर ई-सेल द्वारा तय प्रारूप में पहेली का सही उत्तर देना था। इसके साथ ही प्रतिभागियों के लिए प्रतिदिन सोशल मीडिया स्टोरी साझा करना भी अनिवार्य किया गया था, जिसमें ई-सेल जी.के.वी. एवं ई-सेल आईआईटी बॉम्बे का उल्लेख करना आवश्यक था।

प्रतियोगिता में विद्यार्थियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन उत्तरों की शुद्धता के साथ-साथ सातों दिनों में उनकी निरंतर सहभागिता के आधार पर किया गया। पूरे सप्ताह के प्रदर्शन के आधार पर संचयी अंकों के अनुसार प्रतियोगिता के परिणाम घोषित किए गए।
इलेक्ट्रॉनिक एवं कम्युनिकेशन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. विपुल शर्मा ने बताया कि प्रतियोगिता में प्रांशु वर्मा ने 100 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। करण ने 68.53 अंक के साथ द्वितीय तथा ऋषभ कुमार ने 63.51 अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान प्राप्त किया।

कार्यवाहक संकायाध्यक्ष डॉ. एम.एम. तिवारी ने विजेता एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता को विकसित करने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देती हैं।
विजेताओं को ई-सेल जी.के.वी. की ओर से पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रतियोगी विद्यार्थियों को संकाय कार्यालय में सम्मानित किया गया।

सहायक कुलसचिव डॉ. पंकज कौशिक ने कहा कि प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ सोशल मीडिया के रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक उपयोग का अवसर मिला। ई-सेल जी.के.वी. के सदस्यों ने बताया कि प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, रचनात्मकता और निरंतरता की भावना विकसित करना था।
आयोजकों ने कहा कि विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता को देखते हुए भविष्य में भी इस प्रकार की रचनात्मक, ज्ञानवर्धक एवं प्रतिभा-विकास से जुड़ी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
