
लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई मंडी समिति बदहाल, बारिश में दुकानदारों और ग्राहकों को होती है परेशानी
टूटी बाउंड्री, खराब हैंडपंप और गंदगी ने बढ़ाई मुश्किलें—हर शुक्रवार लगता है बड़ा बाजार
हरि न्यूज
नांगल सोती/बिजनौर। सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर बाजार व्यवस्था उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई नांगल सोती की उप मंडी समिति आज अधिकारियों की उदासीनता और देखरेख के अभाव में बदहाल स्थिति में पहुंच गई है। मंडी परिसर में बनाया गया बड़ा टीन शेड जगह-जगह से टूट चुका है। इसके बावजूद संबंधित विभाग के अधिकारी समस्या के स्थायी समाधान की ओर गंभीरता से ध्यान देते नजर नहीं आ रहे हैं।

कुछ वर्ष पूर्व नांगल सोती में मंडी समिति का निर्माण कराया गया था। मंडी परिसर में बाउंड्री वॉल, बिजली, पेयजल की व्यवस्था के साथ दुकानदारों और ग्राहकों की सुविधा के लिए बड़ा टीन शेड लगाया गया था। निर्माण के समय स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि इससे क्षेत्र के व्यापारियों और ग्रामीणों को बेहतर बाजार सुविधा मिलेगी, लेकिन रखरखाव के अभाव में सरकारी धन से तैयार की गई यह व्यवस्था अब बदहाली की तस्वीर पेश कर रही है।
मंडी परिसर का टीन शेड पूरी तरह जर्जर हो चुका है और कई स्थानों पर टूट गया है। बारिश होने पर दुकानदारों को अपने सामान को बचाने के लिए तिरपाल का सहारा लेना पड़ता है, जबकि खरीदारी करने आने वाले लोगों को बारिश से बचने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। गर्मी और बरसात दोनों मौसम में मंडी की अव्यवस्थाएं दुकानदारों और ग्राहकों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं।
पेयजल और शौचालय की भी उचित व्यवस्था नहीं
इतनी बड़ी मंडी समिति में सुविधाओं का भी अभाव है। मुख्य गेट के पास मात्र एक शौचालय और एक सरकारी हैंडपंप है। आरोप है कि हैंडपंप के आसपास भी दुकानदार दुकानें लगा लेते हैं, जिससे ग्राहकों को पेयजल और शौचालय की सुविधा लेने में परेशानी होती है। बताया जा रहा है कि हैंडपंप भी खराब हालत में है, जिसके कारण मंडी में आने वाले लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ता है।
टूटी बाउंड्री से बने अवैध रास्ते, परिसर में डाला जा रहा कूड़ा
मंडी समिति की बाउंड्री वॉल भी कई स्थानों से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। बाउंड्री टूटने के कारण स्थानीय लोगों ने मंडी परिसर से आने-जाने के लिए अपने रास्ते बना लिए हैं। इतना ही नहीं, आसपास के लोगों द्वारा मंडी परिसर में कूड़ा डाले जाने से गंदगी का अंबार लग रहा है। सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी नहीं होने के कारण सरकारी संपत्ति धीरे-धीरे बदहाल होती जा रही है।
हर शुक्रवार लगता है बड़ा बाजार
नांगल सोती की उप मंडी समिति में प्रत्येक शुक्रवार को बड़ा बाजार लगता है। इस बाजार में नांगल सोती के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने पहुंचते हैं। ऐसे में मंडी परिसर में पर्याप्त पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई और बारिश से बचाव की व्यवस्था नहीं होना संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाएं विकसित करने के लिए लाखों रुपये खर्च करती है, लेकिन निर्माण के बाद सरकारी अधिकारियों द्वारा नियमित रखरखाव और निगरानी नहीं किए जाने के कारण योजनाएं धीरे-धीरे बदहाल हो जाती हैं। लोगों ने मंडी समिति की स्थिति सुधारने, टीन शेड की मरम्मत कराने, बाउंड्री वॉल को दुरुस्त कराने, हैंडपंप ठीक कराने तथा नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा गया : सचिव
इस संबंध में जब मंडी समिति के सचिव सचिन शर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उप मंडी स्थल नांगल, शहजादपुर के सुधार एवं मरम्मत का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। प्रस्ताव पास होने के बाद मंडी स्थल को जल्द ही ठीक कराया जाएगा।
अब देखना यह है कि उच्च अधिकारियों के स्तर से प्रस्ताव को कब मंजूरी मिलती है और कब नांगल सोती की उप मंडी समिति की बदहाल तस्वीर बदलती है। फिलहाल सरकारी धन से तैयार की गई मंडी समिति की दुर्दशा व्यवस्था की अनदेखी और अधिकारियों की लापरवाही पर सवाल खड़े कर रही है।
