
डीएसबी इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में आयोजित विशाल श्रद्धांजलि सभा में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी एवं ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने लाडवा, जिला कुरुक्षेत्र, हरियाणा में महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज को ‘ज्ञान ज्योति पुरस्कार’से किया सम्मानित
हरि न्यूज
हरिद्वार। जयराम आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज के सानिध्य में डीएसबी इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, लाडवा, जिला कुरुक्षेत्र, हरियाणा में ब्रह्मलीन पूज्य स्वामी देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी महाराज की 22वीं पुण्यतिथि श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित विशाल श्रद्धांजलि सभा में संत समाज, धर्माचार्यों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने ब्रह्मलीन संत को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज, जयराम आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज तथा महामंडलेश्वर बाल ब्रह्मचारी रामेश्वरानंद सरस्वती महाराज सहित अनेक संत-महात्माओं ने ब्रह्मलीन स्वामी देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

श्रद्धांजलि सभा के दौरान संतों एवं अतिथियों ने ब्रह्मलीन स्वामी देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी महाराज के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन शिक्षा, अध्यात्म, समाजसेवा और सनातन धर्म-संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समर्पित रहा। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य करते हुए युवा पीढ़ी को संस्कार, ज्ञान और भारतीय संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया।
इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज को उनके आध्यात्मिक एवं सामाजिक योगदान के लिए ‘ज्ञान ज्योति पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने के बाद उन्होंने कहा कि यह सम्मान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि समूचे संत समाज का सम्मान है। उन्होंने कहा कि संत परंपरा सदैव समाज को ज्ञान, संस्कार और सद्मार्ग प्रदान करने का कार्य करती रही है।

जयराम आश्रम पीठाधीश्वर स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन पूज्य गुरुदेव स्वामी देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी महाराज का जीवन शिक्षा और समाज के लिए समर्पित था। उन्होंने सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य किया। उनके विचार और आदर्श आज भी समाज एवं युवा पीढ़ी का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष एवं पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि संतों का जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत होता है। ब्रह्मलीन स्वामी देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने धर्म और अध्यात्म के साथ-साथ शिक्षा एवं सामाजिक सरोकारों को भी विशेष महत्व दिया। उनके द्वारा स्थापित आदर्श और सेवा की परंपरा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी।
महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने कहा कि संत समाज का मूल उद्देश्य मानवता की सेवा, धर्म और संस्कृति की रक्षा तथा समाज को सही दिशा प्रदान करना है। ब्रह्मलीन स्वामी देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने अपने जीवन में इन्हीं मूल्यों को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि ‘ज्ञान ज्योति पुरस्कार’ उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि संत परंपरा के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी का प्रतीक है।
कार्यक्रम में उपस्थित संत-महात्माओं ने ब्रह्मलीन स्वामी देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी महाराज के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। श्रद्धांजलि सभा के दौरान आध्यात्मिक वातावरण बना रहा और उपस्थित श्रद्धालुओं ने गुरु परंपरा एवं सनातन संस्कृति के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
इस अवसर पर संत समाज, जयराम आश्रम से जुड़े पदाधिकारी, विद्यालय परिवार, गणमान्य नागरिक, श्रद्धालु एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
