
हरि न्यूज
हरिद्वार। हरिद्वार शहर में सड़कों की बदहाल स्थिति लगातार आम जनता के लिए परेशानी और दुर्घटना का सबब बनती जा रही है। हाईवे सहित कई प्रमुख मार्गों पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बने हुए हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता पं.कपिल शर्मा जौनसारी ने कहा कि मुख्यमंत्री एवं जिलाधिकारी द्वारा सड़कों की स्थिति सुधारने और गड्ढों को भरने के निर्देश दिए जाने के बावजूद यदि जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस है, तो यह आदेशों की गंभीर अवहेलना है।

उन्होंने कहा कि पंतद्वीप अंडरपास की स्थिति भी बेहद खराब है। अंडरपास में जलभराव, गड्ढों एवं अव्यवस्थाओं के कारण स्थानीय लोगों और राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
वहीं सूखी नदी से सर्वानंद घाट की ओर जाने वाली सड़क बंद होने के कारण स्थानीय जनता के साथ-साथ श्मशान घाट जाने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील कार्य के लिए जाने वाले लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता पं. कपिल शर्मा जौनसारी ने कहा कि जब जनता की मूलभूत समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी स्तर से निर्देश दिए जाते हैं, तो संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है कि उनका तत्काल पालन सुनिश्चित किया जाए। लेकिन धरातल पर हालात देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि विभागीय अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है और वाहनों को भी नुकसान हो रहा है।
उन्होंने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मांग की कि—
हाईवे एवं प्रमुख सड़कों के गड्ढों को तत्काल भरवाया जाए।
पंतद्वीप अंडरपास की मरम्मत एवं साफ-सफाई कराई जाए।
सूखी नदी से सर्वानंद घाट तक बंद मार्ग को शीघ्र खोला जाए।
श्मशान घाट जाने वाले लोगों के लिए सुगम वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री एवं जिलाधिकारी के सड़क सुधार संबंधी निर्देशों का धरातल पर पालन सुनिश्चित किया जाए।
जनता सवाल पूछ रही है—जब अधिकारी और जनप्रतिनिधि दोनों मौन हैं, तो आखिर जनता की समस्या का समाधान कौन करेगा?
