
हरि न्यूज
हरिद्वार, 26 अगस्त। गुरुकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय में नवप्रवेशित छात्रों के लिए दीक्षारम्भ कार्यक्रम विश्वविद्यालय सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ वैदिक परंपरा एवं मंगलाचरण के साथ हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं श्री गंगा सभा के महामंत्री श्री तन्मय वशिष्ठ का कार्यवाहक संकायाध्यक्ष डॉ. मुरली मनोहर तिवारी तथा सहायक कुलसचिव डॉ. पंकज कौशिक ने पट्टा एवं ओउम् का चित्र भेंट कर सम्मानित किया।

मुख्य अतिथि एवं विचारक तन्मय वशिष्ठ ने नवप्रवेशित छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि एक सफल व्यक्ति के पीछे संघर्ष की एक लंबी कहानी होती है। जिसने संघर्ष को जिया है, उसी ने इतिहास लिखा है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन स्वयं को गढ़ने और भविष्य की दिशा निर्धारित करने का सबसे महत्वपूर्ण समय है। इस दौरान छात्रों को कठिन परिस्थितियों से घबराने के बजाय उन्हें अवसर के रूप में स्वीकार करना चाहिए।
उन्होंने छात्रों से कहा कि जीवन में सफलता केवल डिग्री प्राप्त करने से नहीं मिलती, बल्कि ज्ञान, अनुशासन, संस्कार, निरंतर परिश्रम और सकारात्मक सोच से प्राप्त होती है। तकनीकी शिक्षा के साथ विद्यार्थियों में मानवीय संवेदनाएं और सामाजिक दायित्व की भावना भी विकसित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने लक्ष्य को निर्धारित करें और उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहें। असफलता को अंत नहीं, बल्कि सफलता की दिशा में मिलने वाला अनुभव समझना चाहिए।
कार्यवाहक संकायाध्यक्ष डॉ. मुरली मनोहर तिवारी ने नवप्रवेशित छात्रों का स्वागत करते हुए कहा कि गुरुकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय की अपनी गौरवशाली परंपरा और विशिष्ट शैक्षिक संस्कृति है। छात्रों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान के साथ भारतीय संस्कृति एवं वैदिक मूल्यों को आत्मसात करते हुए अपने व्यक्तित्व का विकास करना चाहिए।
सहायक कुलसचिव डॉ. पंकज कौशिक ने कहा कि दीक्षारम्भ कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित छात्रों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक परंपराओं, अनुशासन, कार्यप्रणाली एवं भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराना है। उन्होंने छात्रों से विश्वविद्यालय के संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए अध्ययन, अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय के विभिन्न विभागों के शिक्षक, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नवप्रवेशित छात्र उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन डॉ देवेंद्र कुमार सिंह ने किया
