
हरि न्यूज
नजीबाबाद। तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली अदब सिटी कॉलोनी के निवासी आज के आधुनिक युग में भी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। सड़क, बिजली और पानी की निकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में स्थानीय निवासियों का सब्र अब जवाब देने लगा है। इस गंभीर समस्या को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता रितेश सैन ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है।
प्रमुख समस्याएँ: दावों और हकीकत में बड़ा अंतर
कॉलोनी वासियों का आरोप है कि विकसित कॉलोनी के नाम पर उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला है। वर्तमान में स्थितियाँ :अधूरी सड़कें: कॉलोनी की मुख्य सड़कें और गलियाँ आज भी कच्ची और अधूरी हैं। निर्माण कार्य बीच में ही छोड़ दिए जाने से आवागमन दूभर हो गया है।
सार्वजनिक जमीनों का विवाद: स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलोनी के मानचित्र में पार्क और मस्जिद के लिए जो जमीनें आवंटित की गई थीं, उनका धरातल पर कोई अता-पता नहीं है। भू-माफियाओं और बिल्डरों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।

जलभराव और निकासी: जल निकासी की कोई उचित व्यवस्था न होने के कारण हल्की बारिश में भी पूरी कॉलोनी तालाब बन जाती है। गंदा पानी घरों में घुस रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
रितेश सैन ने मुख्यमंत्री को कराया अवगत
मामले की गंभीरता को देखते हुए रितेश सैन ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को एक विस्तृत शिकायती पत्र भेजा है। उन्होंने अपडेट देते हुए बताया कि प्रशासन की अनदेखी के कारण कॉलोनी वासियों का पैसा और भविष्य दोनों दांव पर लगा है।
“अदब सिटी कॉलोनी में लोग बुनियादी हक के लिए लड़ रहे हैं। पार्क और मस्जिद की जमीन के नाम पर जो पारदर्शिता होनी चाहिए थी, वह गायब है। हमने मुख्यमंत्री जी से इस मामले की जांच और जनसुविधाएं बहाल करने की मांग की है।”

— रितेश सैन ने कहा कि
प्रशासनिक सुस्ती से आक्रोश
कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार स्थानीय अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। यदि जल्द ही सड़कों का निर्माण और जल निकासी की समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो क्षेत्रवासी आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
