
हरि न्यूज
हरिद्वार।हरिद्वार स्थित उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय में राष्ट्रगीत “वन्दे मातरम्” की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक भव्य, गरिमामय एवं भावपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सम्पूर्ण विश्वविद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना एवं राष्ट्रीय गौरव की भावना से अनुप्राणित दिखाई दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक राष्ट्रगीत गायन से हुआ, जिसमें आचार्यों एवं विद्यार्थियों ने एकस्वर में “वन्दे मातरम्” का सस्वर गान कर मातृभूमि के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रमाकांत पांडेय जी ने अपने संबोधन में कहा कि “वन्दे मातरम् भारत के सर्व समाज का ध्येय है। यह केवल एक राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या और राष्ट्रभक्ति की अमर साधना का प्रतीक है। वन्दे मातरम् के लिए हमारे देशभक्तों ने अपने प्राणों की आहुति दी है, इसलिए यह गीत प्रत्येक भारतीय के हृदय में देश के प्रति समर्पण की भावना जाग्रत करता है।” उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे संस्कृति के माध्यम से राष्ट्रसेवा के पथ को और अधिक सुंदर तथा सशक्त बनाएँ।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से चित्रकला, क्विज, निबंध एवं सामान्य ज्ञान प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अनामिका, द्वितीय स्थान मानसी वर्मा, तथा तृतीय स्थान बी.एड. की मीनाक्षी कोटिया ने प्राप्त किया।
क्विज प्रतियोगिता में प्रथम स्थान दिनेश, द्वितीय स्थान हरिश्चंद्र, तथा तृतीय स्थान पर रहे।
निबंध लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान सुमन यादव, द्वितीय स्थान स्नेहा, तथा तृतीय स्थान भास्कर जोशी ने स्थान प्राप्त किया।
सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में प्रथम स्थान भरत लाल भार्गव, द्वितीय स्थान मीनाक्षी कोटिया, तथा तृतीय स्थान विष्णु उनियाल रहे।
निबंध प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्रोफेसर अरविंद नारायण मिश्र, डॉ. कंचन तिवारी (साहित्य विभाग) रहे। क्विज एवं सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के निर्णायक डॉ. सुशील चमोली (संगणक विभाग), डॉ. सुमन प्रसाद भट्ट (शिक्षाशास्त्र विभाग) रहे। चित्रकला प्रतियोगिता के निर्णायक प्रोफेसर दामोदर परगाई (डीन, वेद-वेदांग विभाग), प्रोफेसर रामरतन खंडेलवाल (डीन अकादमिक) रहे।
कार्यक्रम का कुशल, प्रभावी एवं सुसंगठित संचालन शिक्षाशास्त्र विभाग की अध्यापिका सुश्री मीनाक्षी सिंह रावत जी द्वारा किया गया। इस अवसर पर सुशील, बाली, भारत, अनामिका, स्नेहा, आरती सहित शिक्षा शास्त्र विभाग के अन्य छात्र-शिक्षक एवं छात्र-शिक्षिकाएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।
समारोह के अंत में शिक्षाशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रकाश चंद्र पंत महोदय ने सभी उपस्थित अतिथियों, विद्यार्थियों एवं आयोजकों का धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रीय मतदान दिवस की जानकारी भी साझा की और सभी विद्यार्थियों को स्वच्छ, सशक्त एवं स्वस्थ लोकतंत्र के निर्माण के लिए सक्रिय रूप से प्रोत्साहित किया।
सभी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को 26 जनवरी के राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर माननीय कुलपति महोदय द्वारा औपचारिक रूप से पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
