
*श्रावण मास केवल पूजा-अर्चना का पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, संयम, सेवा और भक्ति का संदेश देने वाला पवित्र काल है:श्रीमहंत शैलेंद्र गिरि
हरि न्यूज
शामली। उत्तर प्रदेश के शामली शहर स्थित लगभग 850 वर्ष प्राचीन सिद्धपीठ गुलजारी शिव मंदिर में पवित्र श्रावण मास के अवसर पर भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ रहा है। सुबह के ब्रह्म मुहूर्त से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग रही हैं। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय बना हुआ है। मंदिर में दूर-दराज़ के राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और भगवान शिव का रुद्राभिषेक, दुग्धाभिषेक एवं विशेष पूजन-अर्चन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्यता और विश्व कल्याण की कामना कर रहे हैं।

850 वर्ष प्राचीन सिद्धपीठ गुलजारी शिव मंदिर के परमाध्यक्ष एवं जूना अखाड़ा के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत शैलेंद्र गिरि महाराज ने बताया कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र और पुण्यदायी समय माना जाता है। इस माह में श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान भोलेनाथ का पूजन करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। उन्होंने कहा कि यह प्राचीन सिद्धपीठ सदियों से श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र रहा है और यहां आने वाले भक्तों की मनोकामनाएं भगवान भोलेनाथ की कृपा से पूर्ण होती हैं।
श्रीमहंत शैलेंद्र गिरि महाराज ने बताया कि श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को मंदिर में विशेष रुद्राभिषेक, महाआरती, शिव महिम्न स्तोत्र एवं रुद्रपाठ का आयोजन किया जा रहा है। बड़ी संख्या में संत-महात्मा, शिवभक्त और कांवड़िये मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं। मंदिर को आकर्षक विद्युत सज्जा, रंग-बिरंगे फूलों और धार्मिक अलंकरण से भव्य रूप से सजाया गया है, जिससे पूरा परिसर आध्यात्मिक आभा से आलोकित दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में श्रावण मास केवल पूजा-अर्चना का पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, संयम, सेवा और भक्ति का संदेश देने वाला पवित्र काल है। भगवान शिव अत्यंत भोले और शीघ्र प्रसन्न होने वाले देव हैं। सच्चे मन से की गई उनकी उपासना व्यक्ति के जीवन के कष्टों को दूर कर उसे आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर करती है।
मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। दर्शन मार्ग, पेयजल, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा व्यवस्था एवं प्रसाद वितरण की समुचित व्यवस्था की गई है ताकि दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। स्वयंसेवक भी श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करने में जुटे हुए हैं।
श्रावण मास के दौरान प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु सिद्धपीठ गुलजारी शिव मंदिर पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस प्राचीन शिवधाम में विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से भगवान भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होकर सुख,समृद्धि एवं आध्यात्मिक शांति का मार्ग प्रशस्त होता है।
