
राष्ट्रीय सावक मंच ने सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन,सार्वजनिक धन के सदुपयोग और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की उठाई मांग
हरि न्यूज
हरिद्वार। तीर्थनगरी हरिद्वार में बढ़ते नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा आगामी अर्धकुंभ मेले से संबंधित विकास एवं निर्माण कार्यों में जनता के कर से प्राप्त धन के पारदर्शी एवं सदुपयोग की मांग को लेकर राष्ट्रीय सावक मंच के कार्यकर्ताओं ने मंच के संयोजक चंद्रमोहन कौशिक के नेतृत्व में सिटी मजिस्ट्रेट हरीगिरी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान मंच के कार्यकर्ताओं ने हरिद्वार में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध नियमित और प्रभावी अभियान चलाने, नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित कर विशेष निगरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की। साथ ही अर्धकुंभ मेले से जुड़े विकास एवं निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता, वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
सिटी मजिस्ट्रेट हरीगिरी ने मंच के प्रतिनिधियों से तीर्थनगरी से जुड़े विषयों पर सकारात्मक वार्ता की और ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मंच के संयोजक चंद्रमोहन कौशिक ने कहा कि हरिद्वार केवल एक नगर नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना से जुड़ी विश्वविख्यात तीर्थनगरी है। प्रतिवर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु गंगा दर्शन एवं धार्मिक अनुष्ठानों के लिए हरिद्वार पहुंचते हैं। ऐसी पवित्र तीर्थभूमि में नशीले पदार्थों का बढ़ता अवैध कारोबार समाज, विशेषकर युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि नशे की प्रवृत्ति व्यक्ति के स्वास्थ्य और परिवार को प्रभावित करने के साथ-साथ अपराध, आर्थिक शोषण, सामाजिक विघटन तथा युवाओं के भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। इसलिए हरिद्वार को नशामुक्त एवं सुरक्षित तीर्थनगरी बनाने के लिए प्रशासन को निरंतर, प्रभावी और परिणामोन्मुख अभियान चलाने की आवश्यकता है।
चंद्रमोहन कौशिक ने कहा कि अर्धकुंभ मेले के दृष्टिगत सरकार और प्रशासन द्वारा विकास, निर्माण, सौंदर्यीकरण, यातायात, स्वच्छता तथा आधारभूत सुविधाओं से जुड़े विभिन्न कार्य कराए जा रहे हैं। इन कार्यों में खर्च होने वाला धन सार्वजनिक राजस्व और जनता के कर से प्राप्त होता है। ऐसे में प्रत्येक सार्वजनिक परियोजना में पारदर्शिता, गुणवत्ता, वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित किया जाना जनहित में आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन के उपयोग की जानकारी और उसकी निगरानी लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के अधिकारों से भी जुड़ी है।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें
1. हरिद्वार तीर्थनगरी में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध नियमित एवं प्रभावी अभियान चलाया जाए। नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित कर विशेष निगरानी रखी जाए।
2. विद्यालयों, महाविद्यालयों, छात्रावासों एवं युवा-केंद्रित क्षेत्रों के आसपास नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री पर विशेष निगरानी रखी जाए।
3. अर्धकुंभ से संबंधित प्रमुख परियोजनाओं की स्वीकृत लागत, कार्यदायी संस्था, कार्य की समयसीमा एवं निर्धारित उद्देश्य जैसी मूलभूत जानकारी सार्वजनिक की जाए।
4. अर्धकुंभ से संबंधित निर्माण एवं विकास कार्यों की गुणवत्ता की समय-समय पर सक्षम एवं स्वतंत्र तकनीकी एजेंसी से जांच कराई जाए।
5. जनता के कर के धन से किए जा रहे प्रत्येक कार्य में अनावश्यक व्यय, दोहराव एवं अपव्यय की संभावनाओं को रोकते हुए वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित किया जाए।
चंद्रमोहन कौशिक ने कहा कि हरिद्वार की पवित्रता केवल गंगा तट और मंदिरों से ही नहीं, बल्कि यहां के सामाजिक वातावरण, युवाओं के सुरक्षित भविष्य तथा पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन से भी सुनिश्चित होती है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन जनता की अमानत है और उसके प्रत्येक व्यय में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं जवाबदेही के सिद्धांतों का पालन होना चाहिए। मंच ने प्रशासन से ज्ञापन में उठाए गए सभी बिंदुओं पर गंभीरतापूर्वक संज्ञान लेकर आवश्यक एवं प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा जताई।
ज्ञापन देने वालों में सावक मंच के जिला अध्यक्ष कीर्तिकांत शर्मा, जिला उपाध्यक्ष शरद अग्रवाल, जिला महामंत्री विशाल यादव, युवा जिलाध्यक्ष शिवम कौशिक, पार्थ शांडिल्य,पीयूष कौशिक, नवीन शर्मा,आशीष पटवाल, गौरव भट्ट, साहिल बग्गा,रचित सिंघल, पंडित सुनील शर्मा, विकास राजपूत, नरेश शर्मा, जय बाली, दिनेश शर्मा,जितेंद्र यादव, मनोज गिरी, सनी भाटिया,विकास अरोड़ा, गोपाल तनेजा,मनोज जैन सहित सावक मंच के अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
