
*उत्तराखंड की राजनीति में प्रीतम सिंह की सक्रियता
*राजभवन घेराव के दौरान उत्तराखंड की राजनीति में कांग्रेस के दिग्गजों की आभा बने प्रीतम सिंह

हरि न्यूज/डॉ पंकज कौशिक
देहरादून। राजधानी देहरादून में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए राजभवन का घेराव किया। महंगाई, भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था के मुद्दों को लेकर पार्टी ने सरकार के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन किया।
वरिष्ठ नेताओं की अगुवाई में हजारों कार्यकर्ता राजभवन की ओर कूच करते हुए आगे बढ़े। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए और जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई, हालांकि स्थिति को जल्द ही नियंत्रित कर लिया गया।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है, आम जनता महंगाई की मार से परेशान है और कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उनका कहना है कि सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है और जनता को कोई राहत नहीं मिल रही।
प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि हालात नहीं सुधरे तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि घेराव में हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए, जबकि प्रशासन की ओर से संख्या कम बताई गई है।
कांग्रेस का कहना है कि जब तक आम जनता को महंगाई से राहत और भ्रष्टाचार से मुक्ति नहीं मिलेगी, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

उत्तराखंड की राजनीति में प्रीतम सिंह की सक्रियता
देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति का केंद्र माने जाने वाले देहरादून में कांग्रेस संगठन को मजबूत आधार देने में यदि किसी नेता की भूमिका प्रमुख मानी जाती है तो वह हैं प्रीतम सिंह। लंबे समय से संगठनात्मक मजबूती और कार्यकर्ताओं के बीच सक्रिय संवाद के जरिए उन्होंने राजधानी सहित पूरे प्रदेश में पार्टी की जड़ों को मजबूत करने का प्रयास किया है।
अपने कार्यकाल में प्रीतम सिंह ने कांग्रेस को गांव-गांव और बूथ स्तर तक पहुंचाने की रणनीति पर काम किया। हालिया शक्ति प्रदर्शन और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी को उनके प्रभाव और संगठन क्षमता के रूप में देखा जा रहा है। उनके नेतृत्व में युवा और वरिष्ठ नेताओं को एक मंच पर लाने की कोशिशें भी तेज हुई हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी शैली एक नई “राजनीतिक पाठशाला” के रूप में उभर रही है, जहां कार्यकर्ताओं को सीधे संवाद और जनसंपर्क की नीति से जोड़ा जा रहा है। यदि यह रणनीति निरंतर आगे बढ़ती है, तो यह प्रदेश की सत्ता तक प्रभावी संदेश पहुंचाने में सक्षम हो सकती है।

कांग्रेस के दिग्गजों की आभा बने प्रीतम सिंह
उत्तराखंड की राजनीति में सादगी और संगठन क्षमता का पर्याय माने जाने वाले प्रीतम सिंह आज कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के बीच एक मजबूत आभा के रूप में उभरे हैं। दिग्गजों की पाठशाला में उनका व्यक्तित्व सादगी, सहजता और कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद के लिए जाना जाता है।
उनकी सरल शैली और जमीन से जुड़े रहने की आदत ने उन्हें जनप्रिय नेता के रूप में स्थापित किया है। वे मंच से अधिक कार्यकर्ताओं के बीच दिखते हैं, और यही उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत मानी जा रही है।
हाल ही में आयोजित महारैली ने यह संकेत दिया कि संगठन के भीतर उनका प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। इस शक्ति प्रदर्शन ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच भी उनके नेतृत्व की चर्चा को और तेज कर दिया है।
देहरादून की सड़कों पर गूंजा प्रीतम सिंह का नाम
देहरादून। राजधानी की सड़कों पर जिस नाम की सबसे अधिक गूंज सुनाई दी, वह था प्रीतम सिंह। संघर्ष से शिखर तक पहुंचने की उनकी राजनीतिक यात्रा को कार्यकर्ता प्रेरणा के रूप में देखते हैं। अपने पिता की राजनीतिक धरोहर को सहेजते हुए संगठन को मजबूती देना उनके नेतृत्व की बड़ी पहचान मानी जाती है।
चकराता क्षेत्र में उन्हें “हर घर का पहरेदार” कहा जाता है। जनता के साथ उनका गहरा जुड़ाव और लगातार जनसंपर्क उन्हें एक जमीन से जुड़े नेता के रूप में स्थापित करता है।
आज के प्रदर्शन में उमड़ी भीड़ को उनके समर्थक जनविश्वास का प्रतीक बता रहे हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि इस शक्ति प्रदर्शन ने प्रदेश की राजनीति में उनके बढ़ते प्रभाव को स्पष्ट कर दिया है।
