
हरि न्यूज
ज्योतिषाचार्य पंडित राज शर्मा की कलम से –कल देशभर में महाशिवरात्रि का त्योहार धूमधाम से मनाया जाएगा. मान्यता है कि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. इसलिए हर साल इस तिथि पर महाशिवरात्रि मनाई जाती है. इस दिन भोलेनाथ के भक्त व्रत रखते हैं. शिवलिंग का जलाभिषेक और विधिवत पूजा करते हैं. इस बार भी भक्त पूरी आस्था और उत्साह के साथ जलाभिषेक करने मंदिरों और शिवालयों में पहुंचेंगे. आइए जानते हैं कि महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त क्या रहने वाला है ।
महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त-
पहला मुहूर्त- सुबह 08.24 बजे से सुबह 09.48 बजे तक
दूसरा मुहूर्त- सुबह 09.48 बजे सुबह 11.11 बजे तक
तीसरा मुहूर्त- सुबह 11.11 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक.
चौथा मुहूर्त- सुबह 06.11 बजे से 07.47 बजे तक
चार प्रहर की पूजा का मुहूर्त
पहला प्रहर- 15 फरवरी को शाम 06:11 से रात 09:23 बजे तक
दूसरा प्रहर- रात 09:23 बजे से रात 12:35 बजे तक
तीसरा प्रहर- 16 फरवरी रात 12:35 बजे से सुबह 03:47 बजे तक.
चौथा प्रहर- 16 फरवरी को सुबह 03:47 से सुबह 06:59 बजे तक ।
महाशिवरात्रि की तिथि और पारण हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी 15 फरवरी को शाम 05:04 बजे से शुरू होकर 16 फरवरी को शाम 05:34 बजे तक रहेगी. महाशिवरात्रि का व्रत 15 फरवरी को मान्य होगा. जबकि पारण 16 फरवरी को सुबह 06:59 बजे से दोपहर 3:24 बजे के बीच होगा ।
महाशिवरात्रि पर दस शुभ योग
इस साल महाशिवरात्रि पर 10 बड़े ही शुभ योग रहने वाले हैं. इस दिन शिव योग से लेकर सर्वार्थ सिद्धि, प्रीति, आयुष्मान, सौभाग्य, शोभन, साध्य, शुक्ल और ध्रुव जैसे कई योग बनेंगे. साथ ही, इस दिन व्यतिपात और वरियान योग भी रहने वाले हैं.
चार प्रमुख राजयोग
महाशिवरात्रि पर कुंभ राशि में चार प्रमुख राजयोग रहने वाले हैं. इस दिन बुध और सूर्य की युति से बुधादित्य राजयोग बनेगा. बुध और शुक्र मिलकर लक्ष्मी नारायण राजयोग बनाएंगे. जबकि सूर्य और शुक्र से शुक्रादित्य योग का निर्माण होगा. शनि अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में रहकर शश महापुरुष राजयोग बनाएंगे. इसके अलावा, सूर्य, बुध, शुक्र और राहु की एक साथ उपस्थिति से चतुर्ग्रही योग भी बन रहा है ।
– पंडित राज शर्मा
जयपुर ( राजस्थान )
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