
हरि न्यूज
हरिद्वार। श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में निःशुल्क नेत्र जाँच रक्तदान एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन स्वराज फाउण्डेशन के सहयोग से किया गया। जिसमें शहर के लगभग शताधिक व्यक्तियों व महाविद्यालय के छात्रों ने स्वास्थ्य की जाँच करायी तथा योग्य चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परामर्श भी लिया। इस अवसर पर जनपद हरिद्वार की महापौर श्रीमती किरन जैसल जी ने शिविर का शुभारम्भ किया तथा चिकित्सकों एवं चिकित्सा जाँच हेतु आये हुए सभी लोगों से भेंट की तथा व्यवस्था का निरीक्षण कर सभी व्यवस्थापकों विशेषतया महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. रवीन्द्र कुमार जी को बधाई देते हुए महाविद्यालय द्वारा समाज हित में किये गये इस कार्य की प्रशंसा की।
इस अवसर पर प्रसिद्ध नेता श्री देशराज कर्णवाल, (राज्यमन्त्री, उत्तराखण्ड सरकार) ने चिकित्सकीय परामर्श हेतु आये हुए सभी आगन्तुकों से भेंट करते हुए महाविद्यालय द्वारा की गयी व्यवस्था की प्रशंसा की तथा छात्रों से भी अध्ययन-अध्यापन के विषय में बात की। साथ ही छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिये उनको दिशा-निर्देश भी प्रदान किये। अपने वक्तव्य में आपने कहा कि उत्तम स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति है। अच्छे स्वास्थ्य की नींव पर ही समृद्ध और सुरक्षित समाज का निर्माण संभव है।
महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. रवीन्द्र कुमार जी ने शिविर का उद्देश्य बताते हुए कहा कि वर्तमान में विकृत स्वास्थ्य एक बढ़ती हुई चिंता का विषय है, विशेषकर युवा शिक्षार्थियों में यह ओर भी गम्भीर विषय बन जाता है। यह स्वास्थ्य शिविर छात्रों को अपनी भावनाओं को व्यक्त करने, सहायता प्राप्त करने और तनाव एवं चिंता से निपटने के तरीके सीखने के लिए एक सुरक्षित स्थान प्रदान करेगा। वर्तमान में अध्यनरत छात्रों की आँखों में अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न हो जाती हैं; जो एक समय के बाद गम्भीर बीमारी का स्थान ले लेती हैं। शिविर में छात्रों की आँखों की जाँच योग्य एवं अनुभवी चिकित्सकों से करायी गयी। चिकित्सकों के परामर्श के अनुसार छात्रों को आवश्यक दवाइयों का दिशा-निर्देश भी दिया गया। महाविद्यालय न केवल छात्रों के प्रति अपितु अपने सामाजिक दायित्वों का भी समय-समय पर निर्वहण करता रहा है। इसीलिए इस शिविर का लाभ जनपद के निवासियों ने भी उठाया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक, सभी छात्र-छात्राएँ एवं शिक्षणेतर कर्मचारी उपस्थित रहें।
