
– नमामि गंगे योजना में सौंदर्यीकरण की मांग, प्रशासन पर सुस्ती का आरोप—आंदोलन की चेतावनी
हरि न्यूज
देहरादून।पौराणिक महत्व वाले भीमगोड़ा कुंड और महाबली भीम की खंडित होती प्रतिमा को लेकर एक बार फिर राजनीति और प्रशासन आमने–सामने आते दिख रहे हैं। समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष महंत शुभम गिरि ने कुंड की जर्जर हालत पर तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए सरकार और प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया है। महंत शुभम गिरि ने कहा कि भीमगोड़ा कुंड केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था और इतिहास का प्रतीक है, लेकिन वर्षों से इसकी दशा सुधरने के बजाय और बिगड़ती जा रही है।

उन्होंने महाबली भीम की क्षतिग्रस्त प्रतिमा का हवाला देते हुए कहा कि यह प्रशासनिक संवेदनहीनता का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने मांग की कि भीमगोड़ा कुंड को नमामि गंगे योजना के अंतर्गत शामिल कर व्यापक सौंदर्यीकरण कराया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिलें और पौराणिक धरोहर संरक्षित रह सके। महंत ने यह भी जोड़ा कि वह पहले भी इस मुद्दे को उठा चुके हैं और अब यदि शीघ्र संज्ञान नहीं लिया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। स्थानीय लोग भी सवाल उठा रहे हैं कि जिन योजनाओं से घाट–कुंड चमकने थे, वे फाइलों से बाहर कब आएंगी? भीमगोड़ा कुंड की खामोश दीवारें और टूटी प्रतिमा मानो प्रशासन से खुद पूछ रही हों—क्या हमारी बारी कभी आएगी? फिलहाल महंत शुभम गिरी के तेवरों से मामला फिर चर्चा में आ गया है। अब देखना यह होगा कि चेतावनी को हल्के में लिया जाता है या भीमगोड़ा कुंड को सचमुच नया जीवन देने की पहल होती है।
