
हरि न्यूज
हरिद्वार।देवभूमि उत्तराखण्ड के पुण्यपावन तीर्थ हरिद्वार स्थित सप्तऋषि मैदान में ब्रह्मलीन करुणामूर्ति, भगवद्पादाचार्य परम्परा के दिव्य संवाहक, वैदिक सनातन धर्म-संस्कृति के तेजस्वी प्रवक्ता, पद्मभूषण अलंकरण से विभूषित, निवृत्त शंकराचार्य, परम पूज्य श्रीमत्परमहंस परिव्राजकाचार्य, श्रोत्रिय-ब्रह्मनिष्ठ अनन्तश्रीविभूषित परम गुरुदेव श्री स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरि जी महाराज की पुण्य-स्मृतियों को अक्षुण्ण एवं चिरस्थायी स्वरूप प्रदान करने हेतु आगामी 04, 05 एवं 06 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले “गुरुदेव समाधि मन्दिर-मूर्ति स्थापना महोत्सव” के आयोजन के संदर्भ में सप्तऋषि आश्रम मैदान में पत्रकार वार्ता सम्पन्न हुई।

“श्रीविग्रह मूर्ति स्थापना समारोह” का भव्य एवं आध्यात्मिक आयोजन दिनांक 04फरवरी से प्रारम्भ होकर 05 एवं 06 फरवरी 2026 तक भारत माता मंदिर हरिद्वार में आयोजित किया जा रहा है।कार्यक्रम का आयोजन सप्तऋषि आश्रम मैदान, निकट भारत माता मंदिर,सप्त सरोवर मार्ग,हरिद्वार किया जाएगा एवं समाधि स्थल राघव कुटीर,भारत माता जनहित ट्रस्ट, गली नं. 5, हरिपुर कलां में पूजा अर्चना होगी है।
यह त्रिदिवसीय समारोह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान न होकर सनातन गुरु-परंपरा, राष्ट्र चेतना तथा समन्वय दर्शन का विराट आध्यात्मिक उत्सव होगा। यह आयोजन श्रीमत्परमहंस परिव्राजकाचार्य, श्रोत्रिय, ब्रह्मनिष्ठ, अनन्तश्रीविभूषित, जूनापीठाधीश्वर, आचार्यमहामण्डलेश्वर परम पूज्य श्री स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज (अध्यक्ष, भारत माता मंदिर समन्वय सेवा ट्रस्ट एवं भारत माता जनहित ट्रस्ट) के पावन सान्निध्य में सम्पन्न होगा।

त्रिदिवसीय समारोह की आध्यात्मिक रूपरेखा
04 फरवरी 2026 को समारोह का शुभारंभ वैदिक आचार्यों द्वारा विशेष पूजन, मंगलाचार एवं गुरुचरण वंदना से होगा। इसके उपरांत पूज्य गुरुदेव की पावन स्मृतियों से प्रेरित दिव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें संत-महात्मा, वैदिक आचार्य, श्रद्धालुजन एवं सांस्कृतिक दल सहभागी होंगे। यह शोभायात्रा सनातन संस्कृति एवं गुरु परम्परा का जीवंत संदेश जनमानस तक पहुँचाएगी।
समारोह का प्रारंभिक पूजन एवं मंगल उद्घाटन भारत के 14वें राष्ट्रपति महामहिम श्री रामनाथ कोविन्द जी एवं पंजाब के महामहिम राज्यपाल श्री गुलाबचंद कटारिया की गरिमामयी उपस्थिति में होगा।

सायंकालीन सांस्कृतिक संध्या में विश्व प्रसिध्द नृत्यांगना पद्मश्री शोवना नारायण ‘‘राम आगमन थीम’’ पर कत्थक नृत्य की प्रस्तुति देंगी साथ ही प्रख्यात भजन गायक सुजीत ओझा जी अपनी स्वरलहरी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। पहाड़ के सुदुर अंचल चंपावत में स्थापित स्वामी अवधेशानन्द पब्लिक स्कूल के विद्यार्थिंयों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जायेंगी।
05 फरवरी समारोह का द्वितीय दिवस धर्मसभा एवं संत सम्मेलन के रूप में आयोजित होगा, जिसमें देशभर से पधारे संत-महात्मा, धर्माचार्य एवं विद्वान पूज्य गुरुदेव के जीवन-दर्शन, सनातन धर्म की समन्वय परम्परा तथा राष्ट्र निर्माण में आध्यात्मिक मूल्यों की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। संत सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान,बिहार के महामहिम राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, जम्मू-कश्मीर के महामहिम उपराज्यपाल मनोज सिन्हा,उत्तराखंड प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, विश्व हिन्दू परिषद अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार सम्मिलित होंगे।
सायंकालीन सांस्कृतिक संध्या में विश्व प्रसिध्द बनारस घराने की गायिका सुनंदा शर्मा जी अपनी स्वरलहरी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगी एवं पहाड़ के सुदुर अंचल चंपावत में स्थापित स्वामी अवधेशानन्द पब्लिक स्कूल के विद्यार्थी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रस्तुत करेंगे।
06 फरवरी तृतीय दिवस वैदिक मंत्रोच्चार एवं संत-महात्माओं के पावन सान्निध्य में पूज्य गुरुदेव की समाधि पर मूर्ति स्थापना सम्पन्न होगी। यह अनुष्ठान गुरु परंपरा की दिव्यता तथा सनातन समन्वय दर्शन का स्थायी प्रतीक बनेगा।
इस पावन अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री, भारत सरकार राजनाथ सिंह,उत्तराखंड के महामहिम राज्यपाल ले.ज. गुरमीत सिंह , हिमाचल प्रदेश के महामहिम राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल,उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री परम पूज्य महंत योगी आदित्यनाथ, विधानसभा अध्यक्षा श्रीमती ऋतु खंडूरी की विशिष्ट उपस्थिति रहेगी।
समन्वय सेवा ट्रस्ट, हरिद्वार द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु प्रदान किया जाने वाला प्रतिष्ठित “समन्वय पुरस्कार” वर्ष 2026 में प्रदान किया जाएगा इस वर्ष यह पुरूस्कार स्वामी विवेकानंद हेल्थ मिशन सोसाइटी के डॉ. अनुज सिंघल एवं डॉ. तारा सिंघल को संयुक्त रूप से प्रदान किया जायेगा। समन्वय पुरूस्कार में 2,51,000 की राशि, प्रशस्ति पत्र और शालश्रीफल देकर पुरूस्कृत किया जाता है। उक्त संस्था द्वारा चार धाम यात्रा मार्ग पर चिकित्सालयों की स्थापना कर तीर्थयात्रियों एवं स्थानीय जनमानस को उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा प्रदान की जा रही है।
समारोह की आध्यात्मिक एवं राष्ट्रीय प्रासंगिकता
पूज्य गुरुदेव श्री स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरि जी महाराज का सम्पूर्ण जीवन सनातन धर्म, राष्ट्रचेतना, सामाजिक समरसता एवं विश्वमानव कल्याण के लिए समर्पित रहा। उन्होंने भारत माता मंदिर की स्थापना कर राष्ट्रभक्ति और अध्यात्म के अद्वितीय समन्वय का विश्वस्तरीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
उनकी समाधि में मूर्ति स्थापना का यह समारोह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि गुरु-परंपरा, राष्ट्र-साधना, सांस्कृतिक एकात्मता और सेवा-संकल्प के पुनः प्रतिष्ठापन का ऐतिहासिक अवसर होगा।
यह समारोह सनातन धर्म की उस दिव्य गुरु परंपरा का प्रतीक है, जिसमें गुरु केवल व्यक्तित्व नहीं, अपितु शाश्वत चेतना के संवाहक होते हैं। पूज्य स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरि जी महाराज द्वारा स्थापित समन्वय की यह दिव्य धारा राष्ट्र एवं विश्व मानवता को निरंतर प्रेरणा प्रदान करती रहेगी।
समारोह की संपूर्ण व्यवस्थाओं को संस्था के पूज्य स्वामी गोविंद देवगिरी जी कोषाध्यक्ष, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास, महामण्डलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानन्द गिरि, महामण्डलेश्वर स्वामी ललितानन्द गिरि, ऋषि ज्ञानात्मानन्द एवं आई. डी. शास्त्री के मार्गदर्शन में संपन्न किया जा रहा है। भारत माता मंदिर समन्वय सेवा ट्रस्ट, भारत माता जनहित ट्रस्ट, स्वामी सत्यमित्रानन्द फाउंडेशन एवं प्रभु प्रेमी संघ का सहयोग है।
यह पत्रकार वार्ता भारत माता मन्दिर- समन्वय सेवा ट्रस्ट एवं भारत माता जनहित ट्रस्ट के अध्यक्ष, श्रीमत्परमहंस परिव्राजकाचार्य श्रोत्रिय-ब्रह्मनिष्ठ अनन्तश्रीविभूषित जूनापीठाधीश्वर आचार्यमहामण्डलेश्वर परम पूज्य श्री स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज “पूज्य आचार्यश्री जी” के पावन सान्निध्य में सम्पन्न हुई।
पत्रकार वार्ता को पूज्य महामण्डलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानन्द गिरि महाराज, पूज्य महामण्डलेश्वर स्वामी ललितानन्द गिरि महाराज,भारत माता जनहित एवं समन्वय सेवा ट्रस्ट के सचिव आई. डी. शास्त्री ने संबोधित किया। कार्यक्रम सचिव पीयूष शर्मा ने त्रिदिवसीय महोत्सव के विविध आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं वैदिक अनुष्ठानों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की।
समारोह में पधारने वाले विशिष्ट एवं अति विशिष्ट अतिथियों के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान करते हुए बताया गया कि इस दिव्य आयोजन में भारत गणराज्य के महामहिम 14वें राष्ट्रपति महोदय, विभिन्न राज्यों के महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्रीगण, संत-महात्मा, धर्माचार्य, राष्ट्रीय स्तर के विशिष्ट जनप्रतिनिधि तथा अनेक प्रतिष्ठित विभूतियों का पावन आगमन होना है। साथ ही अतिथियों के स्वागत,आवास, सुरक्षा एवं आयोजन की व्यवस्थाओं से सम्बन्धित समस्त प्रबन्धों की सम्यक जानकारी भी मीडिया प्रतिनिधियों को प्रदान की गई।
