
हरि न्यूज
कोटद्वार।मालिनी वैली कॉलेज ऑफ एजुकेशन में मंगलवार को संस्कृत भारती, कोटद्वार के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित संस्कृत सप्ताह का सफल समापन हुआ। मालिनी वैली में जहां संस्कृत सम्भाषण के साथ संस्कत सप्ताह मनाया गया वहीं ईटेक्नोमाइण्ड सार्थक योगशाला द्वारा भी सद्भावना कालोनी शिब्बूनगर में शिवपुर, बालासौड, तथा परमार्थ वैदिक गुरुकुल कण्वाश्रम तथा उमरावनगर में संस्कृतमय योग कार्यक्रम संस्कृत सप्ताह के अन्तर्गत जारी रहा। जहां सोनमरावत , शुभमरावत, सार्थककण्डवाल, पूजा राणा, सन्तोषी ने मार्गदर्शक राकेश कण्डवाल के मार्गदर्शन में योग में संस्कत सप्ताह को मनाया।
6 अगस्त से प्रारंभ हुई इस भाषा कार्यशाला में प्रतिभागियों ने सरल संस्कृत में वार्तालाप करना सीखा।
समापन कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए एवं योग छात्रों ने योग एवं नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी।
विद्वत जनों ने मालिनी के उद्गम स्थल से लेकर कण्वाश्रम तक में व्याप्त संस्कृत भाषा के इतिहास को उजागर किया। इसी क्षेत्र की पृष्ठभूमि में महाकवि कालिदास द्वारा रचित अभिज्ञान शाकुन्तलम् में पात्रों द्वारा संस्कृत भाषा के उपयोग का भी उल्लेख किया गया।
कार्यक्रम में संस्कृत भारती, कोटद्वार के नगर अध्यक्ष डाॅ रमाकांत कुकरेती, डाॅ कुलदीप मैंदोला, डॉ प्रभा जोशी, मुकेश सुन्द्रीयाल, रामभरोसा कंडवाल, प्रकाश चंद्र नैथानी, डॉ अनुराग शर्मा, सत्यप्रकाश नौटियाल, उनकी धर्मपत्नी श्रीमती नौटियाल, मनमोहन नौटियाल, मनमोहन काला, स्वेता, आंचल बिष्ट, प्रियंका, सोनम रावत, इतेंद्र नैथानी और योग छात्र एवं उनके अभिभावक ने संस्कृत के प्रसार के लिए संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन मुख्यशिक्षक कुलदीपमैन्दोला ने किया।
इस अवसर पर साहित्यांचल के अध्यक्ष प्रकाशचन्द्र नैथानी ने संस्कृति और संस्कृत पर अनुकरण करने को कहा तथा गेप्स के कोषाध्यक्ष मनमोहन काला ने संस्कृत को हर क्षेत्र में उतरने वाली भाषा बताया साथ ही देवभूमि उत्कर्ष सेवा समिति के संस्थापक रामभरोसा कण्डवाल ने कहा कि गांव गांव में हमारी भाषा संस्कृत ही है। परमार्थ वैदिक गुरुकुल के आचार्य मनमोहन नौटियाल नें सभी को कण्वाश्रम की संस्कृति को संरक्षित करने वाले लोगों को विश्वामित्र कण्व सदृश मित्र बताया। बतौर मुख्यातिथि के रूप में राजकीय महाविद्यालय भाबर कोटद्वार के वाणिज्य प्राध्यापक डा.अनुराग शर्मा नें कहा कि हम आज भी वेद एवं संस्कृत धारा में ज्ञान विज्ञान से परिचित हैं और संस्कृत भारती ने इस संस्कृत को सरल तरीके से रोचक बनाकर लोगों को संस्कृत में बुलवाने का कार्य किया है। संस्कृत भारती के नगर अध्यक्ष डा.रमाकान्त कुकरेती ने कहा कि मालिनी नदी के तट पर संस्कृत का प्रवाह कण्वाश्रम की याद दिलाता है, सात दिन में हमनें विभिन्न कार्यकलाप संस्कृत बातचीत से शुरू की और उपनयन,रक्षाबन्धन, तथा शोभायात्रा में संस्कृत ध्वनियों श्लोकों, मन्त्रों, जयघोषों से कण्वाश्रम को गुंजायमान किया।
साप्ताहिक भाषा कार्यशाला में संस्था निदेशक श्री योगम्बर सिंह रावत ने सभी का मनोबल बढाते हुए संस्कृत संवाद में शिरकत की। वहीं सहयोगी शिक्षक के रूप में कार्यशाला की आयोजिका श्वेतारावत ने संस्कृत सप्ताह को रोचक बनाने में मुख्य भूमिका निभाई। संस्कृत मे स्वर्णपदक प्राप्त एवं नेट सेट उत्तीर्ण आंचल बिष्ट ने संस्कृत सम्भाषण का अभ्यास कराया उसके साथ ही प्रियंका , मुकेश सुन्दरियाल, प्रभा खर्कवाल आदि नें संस्कृत में गीत, श्लोक, तथा अनुभव को प्रकट किया।
इसके साथ ई टेक्नोमाइण्ड सार्थक योगशाला कोटद्वार से मुख्य मार्गदर्शक राकेश कण्डवाल राइका काण्डाखाल के निर्देशन में शिक्षिका सोनम रावत ने विभिन्न योग छात्रों से संस्कृत सप्ताह के अंतर्गत योग में प्रस्तुति प्रदान की जिसमें सौम्या, संस्कृति,याशवी,आद्रिका,आरवी,काश्वी , आराध्या, आद्या, स्वर्णिका, समृद्धि नें नृत्य तथा चटका चटका , शक्ति सम्भृतं युक्ति सम्भृतं ,संस्कृतगीत फर योग कार्यक्रम प्रस्तुत किया। मुख्यातिथि द्वारा सभी को मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।