
हरि न्यूज
हरिद्वार।तीर्थ नगरी हरिद्वार के भारत माता मंदिर के महंत एवं पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के महामंडलेश्वर ललितानंद गिरि महाराज का संत परंपरा में नाम श्रद्धा और सम्मान के साथ लिया जाता है। उनका जीवन आध्यात्मिक साधना,समाज सेवा और धर्म प्रचार के लिए समर्पित है।
महामंडलेश्वर ललितानंद गिरि महाराज ने बचपन से ही धार्मिक प्रवृत्ति और आध्यात्मिक रुचि दिखाई।उन्होंने सनातन धर्म की शिक्षा प्राप्त कर संन्यास मार्ग को अपनाया और गुरु परंपरा का पालन करते हुए समाज को धर्म और संस्कृति के प्रति जागरूक करने का कार्य किया।
महाराजश्री का जीवन सादगी,सेवा और त्याग का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने समाज में नैतिक मूल्यों,धार्मिक आस्था और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए अनेक धार्मिक कार्यक्रमों और प्रवचनों का आयोजन किया। उनके मार्गदर्शन में अनेक श्रद्धालु आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ रहे हैं।
महामंडलेश्वर ललितानंद गिरि महाराज समाज सेवा के कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। वे सदैव मानव सेवा को ही सबसे बड़ा धर्म मानते हैं और लोगों को सदाचार तथा सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं।
धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में उनके योगदान के कारण वे संत समाज और श्रद्धालुओं के बीच विशेष सम्मान प्राप्त करते हैं। उनका जीवन और विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
